EPFO Rules Change Update: नए वर्ष पर कर्मचारियों हेतु काफी बड़ी राहत की अपडेट आ गया है। बता दिया जाता है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कि ईपीएफओ अपने सिस्टम में काफी बड़ा बदलाव का तैयारी कर रहा है। सरकार का यह एक बड़ी योजना है नए वर्ष पर कर्मचारियों हेतु बहुत बड़ी अपडेट है जैसे कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कि ईपीएफओ अपने पूरे सिस्टम में बदलाव की तैयारी में जुटा हुआ है। सरकार का यह योजना है कि भविष्य में कर्मचारी अपने पीएफ के पैसे निकालने हेतु लंबी प्रक्रिया से बिल्कुल नहीं गुजरना पड़ेगा। ईपीएफओ 30 के तहत ऐसा नियम लाया जा रहा है जिसकी वजह से पीएफ की रकम एटीएम और UPI के माध्यम से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो पाएगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा मकसद यह है कि कर्मचारियों को उनके ही पैसे तक जल्द और आसान पहुंच मिल पाए और क्लेम सेटलमेंट में जो लगने वाला समय है वह काफी कम हो पाए।
एटीएम और यूपीआई की मिल पाएगी सुविधा
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडवीया के बयान के आधार पर यह नया सुविधा मार्च 2026 से पहले लागू किया जाने वाला है यानी अगले 1 वर्ष के भीतर पीएफ से जुड़ी ज्यादा सेवाएं पूरी तरह से डिजिटल होने का उम्मीद है नया व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर लगाना पड़ेगा और ना ही लंबा इंतजार करना पड़ेगा। सरकार यह चाह रही है कि जीएफ से जुड़ी जो प्रक्रिया है उतना ही आसान रहने वाला है जितना कि आज के समय में डिजिटल पेमेंट का सुविधा है इससे कर्मचारियों का समय बच पाएगा और सिस्टम में प्रदर्शित आ पाएगा।
यूपीआई व पीएफ विड्रॉल कार्ड से इस तरह पैसे निकाल पाएंगे
ईपीएफओ अपने सदस्यों को पीएफ में डालकर दिए जाने पर भी अब विचार कर रहा है यह कार्ड देखने में बिल्कुल एटीएम के जैसा ही है और सीधे पीएफ खाते से जुड़ा रहने वाला है। कर्मचारी इस कार्ड का इस्तेमाल एटीएम मशीन पर या फिर ओटीपी डालते हुए कर पाएंगे। यह तय समय सीमा के भीतर पीएफ की रकम निकाला जा सकेगा। जो सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगा वही यूपीआई के जरिए पीएफ निकाले जाने की सुविधा मिलेगी। जैसे अभी आप देख रहे हैं कि फोन पर या फिर गूगल पे से पैसे भेज पाते हैं वैसे ही भविष्य में यूपीआई एप या फिर ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से पीएफ की राशि बैंक खाते में भेज पाएंगे। ओटीपी या बायोमेट्रिक जांच के बाद कुछ ही समय में यह पैसा खाते में पहुंचने वाला है।
कितना रकम निकाल पाएंगे इससे कर्मचारियों को बड़ा फायदा
सरकार के द्वारा रिटायरमेंट की सुरक्षा को मद्दे नजर रखते हुए जो पीएफ का राशि है पहले जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं है। तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्मचारियों का जो कुल पीएफ बैलेंस है उसका अधिकतम 75% निकाल पाएंगे। बाकी रकम रहेगी वह पूरी तरीके से सुरक्षित रहेगी और उसे पर ब्याज दिया जाता रहेगा। इसके लिए केवाईसी का कार्य पूरा करना जरूरी है। हालांकि अभी चर्चा का विषय बना हुआ है अगर कोई कर्मचारी लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रह पाते हैं तो उसे 100% रकम निकाले जाने का अनुमति प्रदान किया जा सकता है। इन बदलाव के बाद से कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला है। उन्हें अपने ही पैसे के लिए परेशान नहीं होना वाला है और बिना किसी झंझट के वह अपने बैंक खाते में पीएफ का राशि ट्रांसफर कर पाएंगे। जरूरत के समय तुरंत उनको मदद मिल पाएगा।